A STORY FOR KIDS – शरारती बन्दर

A  STORY FOR KIDS – शरारती बन्दर

 

 

सुंदरवन के जंगल में सभी जानवर मेल-जोल से रहते थे. न किसी से लड़ना न ही झगड़ना. सभी एक ही घाट पर पानी पिते थे. उन सभी का राजा शेर सिंह बहुत ही नेक दिल था. उसकी राज्य में सारी प्रजा खुश थी. कोई किसी को सताता नही था. और सताने वाली को कड़ी सी कड़ी सजा का प्रावधान था. दोषी को सजा देने के लिए शेर सिंह ने एक मंत्री परिषद भी बना रखा था. मंत्री परिषद, दोषी पर दोष सिद्ध करते और राजा को उसकी सजा के बारे में बाताते. मगर इस सुंदरवन में सब ख़ुशी से रहते थे कोई गलत काम नहीं करता था.

इन सबके बिच एक शरारती बंदर रहता था. उसकी शरारते पुरे जंगले में मशहूर था. वो कभी इस पेड़ पर कूदता तो कभी उस पेड़ पर. कभी किसी का पूछ पकड़ कर पेड़ पर भाग जाता. कभी-कभी छोटे जानवरों को अपनी तीखी दातें दिखता और खी…खी…कर डराता.

 

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उसके शरारत के चलते सभी ने उसका नाम चुलबुल रख दिया था. चुलबुल बन्दर की शरारते दिन पर दिन बढती ही जा रही थी. सारे जानवर उससे परेशान होने लगे. उसके घर वाले भी उसके शिकायते सुन-सुन कर परेशान हो गये. रोज उसके घर कोई न कोई शिकायत ले कर आता शिकायतों से तंग आकर उसके पिता ने उसका खाना बंद कर दिया.

इस पर उसका शरारत और बढ़ गया. वह किसी के घर में घुस जाता और खाना खाकर भाग जाता. किसी के पेड़ से फल तोड़कर भाग जाता. उसकी शिका्यते बढते देखकर उसकी माँ में उसे बुलाया और बोली-“चुलबुल इतनी शरारते क्यों कर रहा है. तेरी शरारतो से सभी तंग आ चुके है.”

“तंग करने के लिए ही तो ऐसा करता हूँ. मुझे तंग करने में मज़ा आता है.”

“तुम ऐसे ही करते रहोगे तो एक दिन तुमको सजा भी मिलेगी.”उसकी माँ ने इसे डराते हुए बोली.

“मुझे सजा से डर नहीं है, मैं तो ऐसे ही करता रहुंगा.” कहते हुए उसने एक टहनी पकड़ा और दुसरे पेड़ पर भाग गया.

एक रात को बहुत ही तेज आधी के साथ बरसात होने लगा. सारे जानवर अपने-अपने घरो में बैठे थे. घनघोर काली रात में बरसात होने से ठण्ड बढ़ गया. पेड़ टूट कर गिरने लगे. जो जहा था वही छुप गया. बिजली ऐसी कडकडाती जैसे अभी यही गिर पड़ेगा. चुलबुल बन्दर भी एक पेड़ पर बैठा ठण्ड से काँप रहा था. उसी पेड़ पर मुन्नी चिड़ियाँ अपने घोश्ले में बच्चों के साथ बैठी थी. उसने चुलबुल को ठण्ड से कापते देखा, उसने बड़े प्यार से चुलबुल बंदर से कहा- “चुलबुल भैया, आप दिन भर शरारते करते रहते हो. आप भी अपना घर बना लेते तो आज ऐसे ठण्ड से नहीं कापते.”

story फॉर kids-शरारती बन्दर को मुन्नी चिड़िया के बात का बुरा लगना

 

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चुलबुल को उसकी बात का बहुत बुरा लगा. वो गुस्से से लाल हो गया. ‘ये छोटी सी चिड़ियाँ मुझे सिखाएगी, मुझे क्या करना है. इसको अभी मै सिखाता हूँ मुझे क्या करना है.’ यह करते हुए चुलबुल उठा और सारे घोश्ले तोड़ कर फेकने लगा. मुन्नी खूब रोई पर चुलबुल बन्दर ने एक न सुनी. उसके एक-एक कर के सारे अंडे तोड़ दिया. मुन्नी खूब रोई पर चुलबुल उसका सारा घर तोड़ दिया.

 

सुबह होने पर मुन्नी ने देखा उसके सारे घोश्ले और अंडे निचे टूटे पड़े है. वह खूब रोई और रोते-रोते राजा शेर सिंह के पास चली गई और रोते हुई बोली- “महाराज, कल रात चुलबुल ने मेरी घोश्ले और अन्डो को तोड़ दिया मेरे सारे बच्चे मर गए.” कहकर मुन्नी चिड़ियाँ और जोर-जोर से रोने लगी.

महाराजा शेर सिंह ने कहा –“कहाँ है चुलबुल बन्दर, उसे मेरे सामने पेश करो” उसने दहारते हुए कहा “मेरे राज्य में अत्याचार, ऐसा कभी नहीं हो सकता. जाओ और उस चुलबुल बंदर को पकड़ कर लाओ”

कुछ देर बाद चुलबुल बंदर को पकड़ कर लाया गया. चुलबुल अपना सर बीचे किये हुए खड़ा था.

शेर सिंह ने दहारते हुए कहा- “शरारती बन्दर तुमने इस मुन्नी चिड़िया का घोश्ला और अन्डो को क्यों तोडा. तुमको पता है इसकी कितनी बड़ी सजा मिलेगी.”

चुलबुल सर झुकाए खड़ा रहा. कुछ भी बही बोला.

शेर सिंह ने फिर गरजते हुए कहा- “मंत्री परिषद आपने पता लगाया इस चुलबुल बंदर ने क्या किया. इसने मुनि चिड़िया का घोश्ला तोडा है?”

“हाँ महाराज इसने मुन्नी चिड़िया का घोशला और अंडे तोड़ दिया है हम सबने अपनी आँखे से देखा. और महाराज इसके शरारतो से पूरा जंगल परेशान है. इसने सभी को परेशान करके रखा है. इसको कड़ी सजा मिलनी चाहिए.” सभी सदस्य एक साथ बोले.

“तब तो इसको बहुत बड़ी सजा मिलनी चाहिए.” शेर सिंह ने आँखे लाल करते हुए बोला “ इसको 2 साल के लिए इस जंगले से निकाल दिया जाए. और 2 साल बाद भी इसका शरारत नहीं ख़त्म होता है तो इसे हमेशा के लिए जंगल से निकल दिया जाएगा.” अपना फैसला सुनते हुए शेर सिंह ने कहा.

फिर चुलबुल बन्दर को सुंदरवन से निकाल दिया गया.

फिर क्या हुआ, कहा गया चुलबुल? क्या किया उसने? जानेगे दूसरी कहानी में.

MORAL—- शरारते इतनी मत करो की दुसरे के लिए परेशानी बन जाए. हमेशा दुसरो के भावनाओ का ख्याल रखो.

 

 

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One thought on “A STORY FOR KIDS – शरारती बन्दर

  1. Yum! I made using whey (from ) and it turned out quite nicely. I appear to be still healthy, too.If laeto-fcrmentation has been used for centuries and is still used elsewhere in the world by home cooks, there’s no reason not to try it.

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