फिर भी इस दिल को इतंजार है उस दिन का……

 

मैं आप सभी से अपनी love story share कर रही हूँ. इसे अगर share नहीं की तो शायद मैं रह नहीं पाऊं. मैं नहीं जानती की मैं सही कर रही हूँ या गलत. प्यार जब मिल जाता है तो सारा संसार अच्छा लगता है सभी प्यारे लगते है मगर वही प्यार आखो के सामने किसी और से प्यार करे तो? तो क्या करे? क्या गुजरता है इस दिल पर. यह बात वही जानते है जिसके साथ यह हादसा हुआ है. हादसा ही है क्यों की उसके बाद न तो नींद आती है और ना ही मन कही लगता है. दुनियाँ सुना सा हो जाता है. ऐसी ही मेरी भी story है जो मैं आपलोग के साथ share कर रही हूँ.

 

फिर भी इस दिल को इतंजार है – की वह मुझे चाहेगा 

 

हम दोनो एक ही class में पढ़ते थे. देखने में हैंडसम था. पढने में भी काफी तेज था. ऐसा नहीं था की उस से अच्छा लड़का नहीं था. उस से और अच्छे लड़के थे. मगर मेरा मन आकर वही रुक गया था. class में हमेशा मैं लडकियों की पिछली सिट पर बैठती थी ताकि वो बगल वाली बेंच पर बैठे तो मैं उसे देख सकू.  उसका class में आने का हमेशा इतंजार करती थी. जिस दिन वह नहीं आता, दिन ही नहीं कटता.

इस प्यार को केवल मैं ही जानती थी. कितनी बार सोची की बता दूँ उसे. मगर कभी भी बता नहीं पाई. एक दिन अचानक पता चला की वह किसी लड़की से प्यार करता है. मेरे दिल के धडकने तेज हो गई. समझ में नहीं आ रहा था की क्या करू. मैंने उसे देखा वह अभी मुस्करा कर बाते कर रहा था. मेरी धडकन और और भी तेज हो गई.

 

फिर भी इस दिल को इतंजार है – की मेरी छुपे आंसू देखेगा

 

उस दिन घर आकर बहुत रोई. अब कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था. न खाने का मन करता और न किसी से बात करने का. पूरी रात सुबकती रही. यह समझ में नहीं आ रहा था की क्या करू. सुबह उठी तो आखे सूज गई थी. शायद उसका पानी खत्म हो गया हो. स्कूल जाना भी बंद कर दी. कमरे से बाहर निकलने का भी मन नहीं करता था. किसी से नजरे मिला नहीं पा रही थी. कोई आखो में समाये समन्दर न देख ले.

मैं उसके बिना नहीं रह सकती थी. मैं उस से बहुत बहुत ज्यादा प्यार करती थी. उसे देखे बिना एक पल भी रहना मुश्किल था.

अगले दिन स्कूल गई. अब पहले जैसे स्कूल नहीं रह गया था. सब कुछ काटने को दौड़ता. मैंने उसे देखा. वो मेरे तरफ ही आ रहा था. मेरे पास आकर रुक गया.

“हाय! कैसी हो? तुम इतने दिनों से स्कूल क्यों नहीं आ रही थी?” वो मेरे समने खड़ा हुआ बोल रहा था. मैंने अपने सर झुका लिया. ये आसू भी न कही भी निकलने लगते है. मेरे आखे डबडबा गई. आसूं को अंदर ही घुट गई और एक दिखावटी मुस्कान चेहरे पर आ गई. मैं मुस्कुराते हुई बोली – “बढियां हूँ. तुम कैसे ही? थोड़ी तबियत ख़राब हो गई थी. इसलिए नहीं आ पाई.”

“मैं भी ठिक हूँ.” उसने मुस्काते हुए बोला.

“स्कूल 5 दिन के टूर पर जा रहा है. तुम भी आ रही हो न.” उसका यही मुस्कान देखने के लिए तो जीने की तमन्ना बढ़ा देती है नहीं तो और रखा ही क्या इस लाइफ में.

“देखती हूँ. वैसे जाने का मन नहीं कर रहा है.” मैं दुसरे तरफ देखते हुए बोली.

“चलना है जरुर. तुम आओगी तो अच्छा लगेगा.” वह जाते हुए बोला.

 

फिर भी इस दिल को इतंजार है – की वह मुस्काता चेहरा मेरा होगा

 

मैं उसे जाते हुए देख रही थी. एक पल के लिए सोची की बता दू मैं तुमसे प्यार करती हूँ. तुम ही मेरे दुनिया हो. तुम्हारे बिना मैं नहीं रह सकती. भवनाये उमड़ने लगी. दिल कहता की बता दूँ. फिर दिमाग बिच आकर कहता. क्या सोचेगा वह वो तो यही सोचेगा – हमारे दोनों की बिच में आ रही है. हमारा रिश्ता खत्म करना चाहती है. नहीं….नहीं …..मैं ऐसा नहीं कर सकती. मैं उसके नजरो में नहीं गिर सकती. उसके बाद शायद हमसे बात करना भी पसंद नहीं करे. दो बूंद आसू गालो से होकर निचे टपक गये. कही कोई देख न ले इसलिए जल्द ही मैंने उसे पोछा और अपने class के तरफ चल पड़ी.

आज टूर पर जाना था. मगर मुझे जाने का मन नहीं कर रहा था. मगर इतने दिन उसको देखे बिना मन भी नहीं लगता. यह सोच के चली गई की एक नजर उसे देख तो लेंगे. मेरे आखो के सामने वो मुस्काता चेहरा तो रहेगा.

 

फिर भी इस दिल को इतंजार है – की एक दिन मेरी बाहों में आएगा

 

जाने के लिए सब बस में बैठ चुके थे. मैं बस में चढ़ी तो मेरी आखें उसे ढूढने लगी. समाने ही वह और उसके girlfriend बैठे थे. आँखे भर्रा उठी और सर निचे करके पीछे जाने लगी. तब तक वह भी मुझे देख लिया था. और मुस्काते हुए हाथ हिलाते हुए हाय बोला. मेरे भी होठो पर उपरी मुस्कान आ गई. मैं भी हाय करती हुई पीछे चली गई. और सबसे पीछे अपना सिट लिया. सारे रास्ते मेरा बस उनपर ध्यान रहता. वे लोग निश्चिंत थे अपने लाइफ में. मगर कुछ ही दुरी पर दिल में तूफान चल रहा था. जो मुस्काते सूरज को ढककर आँखों से पानी बरसा रहा था. जो कोई और महसूस नहीं कर रहा था और ना कोई देख रहा था.

टूर के बिच में उन दोनों के बिच में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया. यह बात उसने खुद आकर मुझे बताया. वह बहुत उदास था. काश वह मुझे मिला होता. मैं उस से कभी भी झगड़ा नहीं करती. कभी उदास होता तो गले लगा कर उसे बहुत प्यार करती. काश ऐसा होता. मैं उस लड़की से जा कर बात किया. वह मेरी भी friend थी. फिर दोनों का matter solve किया. अपने दिल पर पथर रख कर. क्यों की मुझे उसकी स्माइल पसंद है जो कभी मैं खत्म नहीं होने दूंगी.

 

फिर भी इस दिल को इतंजार है – की आकर बोलेगा …..

 

आज भी उसके इंतजार में हूँ. वो आये और मुझे बोले की तुमसे प्यार करता हूँ. जानती हूँ ऐसा कभी नहीं होने वाला है. फिर भी इस दिल को इतंजार है उस दिन का.

 

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