हनुमान जयंती ( Hanuman. Jayanti) – हनुमान जी का जन्मदिवस

हनुमान जयंती

हनुमान जयंती कब मनाई जाती है –

चैत्र मास में शुल्क पक्ष के पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती का विशेष त्यौहार मनाते है. यह त्यौहार मार्च-अप्रैल के महीने में आता है. इस हनुमान जयंती में राज योग के साथ ही शुक्र राशी में उच्च का जिसके सूर्य के साथ युति रहेगी. दुसरे स्थान पर मेष राशी का मंगल शुभ फलदायी होगा.

 

2017 में कब हनुमान जयंती है –

 

11 अप्रैल 2017, मंगलवार को हनुमान जयंती मनाई जाएगी.

 

हनुमान जयंती कहाँ और क्यों मनाते है

 

हनुमान जयंती हिन्दुओ का त्यौहार है. आज के ही दिन भगवान् हनुमान का जन्म हुआ था. वैसे हनुमान जी के जन्म पर कई मतभेद है. कुछ लोग हनुमान जी का जन्मतिथि कार्तिक कृष्ण चतुदर्शी मानते है तो कुछ चैत्र शुक्ल के पूर्णिमा के दिन. ग्रंथ में दोनों ही दिनों का उल्लेख मिलता है. मगर इन दोनों जन्मतिथि में भिन्न्ता है. पहला जन्मदिवस है और दूसरा अभिनन्दन महोत्सव.

हनुमानजी की जन्म कथा

माता अंजनी के गर्भ से हनुमान जी उत्पन्न हुए. भूखे होने के कारण वे आकाश में उछल गये और उदय होते हुए सूर्य को फल समझकर उसके समीप चले गये. उस दिन पर्व तिथि होने से सूर्य को ग्रसने के लिए राहू आया था. मगर हनुमान जी को देखकर उसने उन्हें दूसरा राहू समझा और भागने लगा. तब इंद्रा ने हनुमान जी पर व्रज का प्रहार किया. इससे इनके ठोड़ी टेढ़ी हो गई. जिसके कारण उनका नाम हनुमान पड़ा.

 

हनुमान जी की पूजा विधि और व्रत

 

हनुमान जयंती के दिन विशेष पूजा आराधना किया जाता है और व्रत भी रखा जाता है. साथ ही मूर्ति पसिंदूर चढ़ाकर हनुमान जी का विशेष सृंगार किया जाता है. पुराणों में कहा गया है की हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए शनिदेव को शांत करना चाहिए. जब हनुमानजी ने शनिदेव का घमंड तोड़ा था तब शनिदेव ने हनुमानजी को वचन दिया की उनकी भक्ति करने वालो की राशी पर आकर भी वे कभी उन्हें पीड़ा नहीं देंगे.

कन्या राशी, तुला, वृश्चिक, कर्क, मिन राशी वालो को हनुमान जयंती पर विशेष आराधना करनी चाहिए.

हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी की विशष पूजा होती है. वैसे हर मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर गुड और चने का प्रसाद चढ़ाना चाहिए. हनुमान जी को सिंदूर का लेप लगाना चाहिए. उस प्रसाद को वही मंदिर में बाँट देना चाहिए. हर सुबह इस मंत्र का जाप करे. यह मंत्र आपको बार-बार परेशानी और कार्य में रुकावट को दूर करती है. यह मंत्र है –

 

आदिदेव नमस्तुभ्यम स्प्त्सप्ते दिवाकर

त्वं रवे तारय स्वस्मानस्मातसंसार सागरात

 

इस मंत्र का जाप करने से रोज के कार्यो में रुकावट नहीं आती और काम सफल होता है.

मंत्र –

बजरंग बलि, हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का रोजाना पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है. हर रोज या प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. श्रीरामचरितमानस के सुंदर कांड का पाठ करने से हनुमान जी बहुत जल्द प्रसन्न होते है और मनोवांछित फल प्रदान करते है.

पुराणों के अनुसार अपने मनोकामना की पूर्ति के लिए हर रोज रात के समय हनुमानजी के सामने तेल का दीपक जलाना चाहिए. सूर्यास्त के बात दीपक जलना ज्यादा लाभदायक होता है. इसके लिए मिट्टी के दीपक का ही प्रयोग करना चाहिए. उस दीपक में सरसों को तेल डालने के बाद हनुमान जी के मंत्रो का जाप करते हुए दीपक जला दे.

 

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