Indian festival Vishu – विशु का त्यौहार

 

Vishu  –  कब मनाते है –

यह मलयालम महीने के मेष की पहली तिथि को मनाया जाता है. यह अंगेजी कैलेंडर में अप्रैल महीने में होता है.

Vishu

Vishu –  कहाँ और कौन मनाता है –

विशु केरलवासियों का प्रमुख त्यौहार है. इस दिन को केरल में नववर्ष में रूप मनाया जाता है. केरल में विशु उत्सव के दिन से ही धान की बुआई का काम शुरू होता है. विशु के दिन को वहाँ “मलयाली न्यू इयर विशु” के नाम से पुकारा जाता है. बसंत ऋतु में सुखद आशा एवं अपेक्षा की भावनाओ को संजोये केरल में विशु पर्व भी अन्य पर्वो की तरह बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है. केरल के सभी हिन्दू परिवार में विशु को लेकर काफी उत्साह रहता है. लोगो को जितनी प्रतीक्षा अपने नववर्ष विशु की होती है, उतनी शायद ही किसी अन्य त्यौहार की होती है.

चैत्र के शुक्ल प्रतिपदा से केरल में नववर्ष का आरम्भ होता है. इस अवसर पर नए पंचांग की पूजा करके उसे उपस्थित लोगो के बिच में पढ़ा जाता है और नए वर्ष का भविष्य फल बताया जाता है.

Vishu –  पर्व क्यों मनाया जाता है –

विशु पर्व मलयालम कैलेंडर का पहला दिन होता है. इसलिए इस दिन को उत्सव के रूप में मनाया जाता है. विशु के दिन “विश्क्क्णी” का दर्शन करते है. इसका झाकी निकलता है. जिसका दर्शन विशु के दिन प्रातः काल सबसे पहले किया जाता है. ऐसा विश्वास है की विश्क्क्णी का प्रभाव सालो भर रहता है.

Vishu – विशु के दिन क्या होता है?

मलयालम समाज में इस दिन मदिरो में विश्क्क्णी के दर्शन कर समाज के लिए नव वर्ष का स्वागत किया जाता है. केरल में विशु उत्सव पर पारम्परिक नाच-गान के आतिशबाजी का आनंद लिया जाता है. इस दिन अय्यापा मदिर में विशेष पूजा की जाती है. विशु का मतलब भगवान श्री कृष्ण और कणी का मतलब टोकरी होता है. यानि इस पर्व पर भगवान् श्री कृष्ण को टोकरी में रखकर उसमे फल, फुल आदि से सजाया जाता है. उसके बाद विशु के दिन उठ कर सबसे पहले भगवान् विशु का दर्शन किया जाता है.

Vishu –  विशुवेला क्या  है –

विशुवेला नववर्ष मेला है, जिसे उत्साह से मनाया जाता है. युवक-युवतियों का समूह चोच्झी के रूप में लुंगी और केले के पत्रों के पहनकर और  अपना मुख तो ढककर गावं में घर-घर घूमते है. लोग इनको कुछ-कुछ रूपये देते है. विशु के दिन इन्हें अपने प्रदशर्न के लिए अच्छा इनाम मिल जाता है. इस धन को विशुवेला में खर्च किया जाता है.

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Vishu  – कुछ और भी

इस दिन घर में सद्य नामक भोज तैयार किया जाता है. जिसे दोपहर में ग्रहण किया जाता है. पकवान प्रायः कद्दू, आम, घिया, करेला, अन्य शाकहाई वस्तुओ और फलो से बनाये जाते है. ये सब्भी वस्तुएं इस ऋतु में मिल जाता है.

 

Vishu  पर्व 2017 में कब है.

 

14 अप्रैल 2017 को विशु का त्यौहार है.

 

 

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और भी त्यौहार है –

 

 

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