Inspirational poem in hindi – हम तो युवा राही है.

Inspirational poem – हम तो युवा राही है.

 

हम तो एक युवा राही है

चलना है काम हमारा

 

मुश्किलें आएँ, मुश्किलें जाएँ

ठोकर खाकर हम उठ जाएँ

बिना सोचे मंजिल की दुरी

यू ही हम चलते जाएँ

 

कितनी भी आँधियाँ आएँ

या आएँ बारिश तूफानी

मिले रस्ते में पहाड़

या बहती नदियों का बौछार

 

काली रातो का अँधेरा मिलें

या मिलें सूर्य के धुप की मार

घनी जंगलो का बाधा मिलें

या ब्याधो का दहार

 

निकले है घर से ठान कर,

या तो मंजिल मिलेगी या हम नहीं

बिठाएंगे घुटनों के बल अपने मंजिल को

मंजिल रही तो हम नहीं हम रहे तो मंजिल नहीं

Inspirational poem – शक्ति है हमारे सोच में

Inspirational poem

 

शक्ति है हमारे सोच मे

न झुकने की जिद है

न रुकने की आदत है

यूवा है बढ़ने की ताकत है

 

गिरते है, फिर खड़े हो जायंगे

टूटते है, फिर जुड़ जायेंगे

मरे नहीं जिन्दा है अभी

एक दिन इस दुनियाँ को दिखा जायेंगे

 

हम तो एक युवा राही है

चलना है काम हमारा

 

मुश्किलें आएँ, मुश्किलें जाएँ

ठोकर खाकर हम उठ जाएँ

बिना सोचे मंजिल की दुरी

यू ही हम चलते जाएँ

 

आज जो हँसतें है हम पर

और छोड़ गये जो बिच रास्ते में

जिनको नहीं था यकी हम पर

और उड़ा गये जो मजाक हमारा

 

Inspirational poem  –  ना दर्द का एहसास होगा

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कल वही आयेंगे  पास हमारे

और वही देख के इतरायेंगे

क्यों नहीं किया यकी

यही सोच कर पछतायेंगे

 

जब जायंगे मंजिल पर अपने

एक मुस्काता चेहरा लेकर

ना दर्द का एहसास होगा

ना ही किसी का भय होगा

 

तुम भी करोगे नाज हम पर

हम कुछ ऐसा कर जायेंगे

पाकर अपने मंजिल को

खुशियाँ तुम्हारे हवाले कर जायंगे

 

मंजिल तो एक पड़ाव है

हमें तो और दूर जाना है

रस्ते की सारी मुश्किलें और ठोकरों को

दुसरो के लिए भी हटाना है

 

न रुकना है, न ठहरना है

मंजिल को पाकर फिर से

नई ऊर्जा और उत्साह से

नई मंजिल के लिए रास्ता बनाना है

 

क्यों कि

हम तो एक युवा राही है

चलना है काम हमारा

 

मुश्किलें आएँ, मुश्किलें जाएँ

ठोकर खाकर हम उठ जाएँ

बिना सोचे मंजिल की दुरी

यू ही हम चलते जाएँ

 

 

 

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