Hindi stories for class 1, 2 and 3 with moral values

Hindi stories for class 1, 2 and 3 with moral values

Short Hindi stories for class 1, 2, and 3 students with moral values in Hindi and English. These are some short Hindi stories for kids.

बच्चों के लिए लिखी गयी मनोरंजक कहानियां जरूर पढ़ें और सबको सुनाएं।

बच्चों के लिए कहानिया – Hindi stories for class 1, 2 and 3

I hope you will like these Hindi stories.

1. राजू के समोसे

पापा आज ढेर सारे समोसे लेकर आए थे। एक डिब्बा मिठाई का भी था। राजू मिठाई पहले ही खा चुका था , और अब वह खेल रहा था उसके हाथ में एक समोसा था।

छत पर बैठी बिल्ली बहुत देर से राजू के हाथ में समोसा देख रही थी और उसे लालच आ रहा था। बिल्ली ने मौका देखकर राजू का समोसा झपट लिया और छत पर चढ़ गई।

राजू को समझ में आ गया कि वह समोसा बिल्ली लेकर भाग गई पहले तो राजू खुश हो रहा था।

दोस्तों ने जैसे ही उसे चिढ़ाना शुरू किया , फिर वह रोने लगा और समोसा खाने की जिद करने लगा।

राजू को रोता हुआ देख पापा आए और पूछने लगे क्यों रो रहे हो ? राजू ने कहा ! मेरा समोसा बिल्ली खा गई अब मुझे भी समोसा चाहिए।

पापा मुस्कुराए और उसे बाजार लेकर गए जहां राजू को एक समोसा और जलेबी खरीद कर दिया। राजू अब पहले से ज्यादा खुश था क्योंकि बिल्ली ने एक समोसा खाया था किंतु जलेबी नहीं , लेकिन राजू समोसे के साथ जलेबी भी खा रहा था।

मोरल –

जीवन में दुख के क्षणों का भी अवलोकन आवश्यक है। सभी प्रकार के अनुभव जीवन में होना ही चाहिए।

 

2. मीठे नाशपाती की कहानी

मम्मी जैसे ही बाजार से लौटी उनके हाथ में एक थैला था। उस थैले में ढेर सारी सब्जी एक पास्ता और दो मैगी के पैकेट थे। पिंटू ने जैसे ही थैले को खंगालना शुरू किया , उसे पहले में तो नाशपाती दिखे।

पिंटू तुरंत ही दोनों नाशपाती को लेकर रसोई घर की ओर दौड़ा।

नाशपाती को पानी धोकर वह अपने बड़े भाई संजू को दिखाने लगा और एक नाशपाती खाकर उछल – उछल कर नाचने लगा। संजू दूसरी नाशपाती उससे मांगता रहा किंतु पिंटू बड़ा नटखट था दूसरा नाशपाती भी खाने लगा और संजू को दिखाकर नाचने लगा।

संजू को लगा कि दोनों नाशपाती को अकेला खा जाएगा इसलिए दौड़ कर , एक नाशपाती उससे ले लिया फिर दोनों उछल – उछल कर नाचते हुए खाने लगे , नाशपाती वाकई मीठे थे।

मोरल –

बालक नटखट होते हैं उनके नटखट मे कुछ शरारत होती है किंतु वैमनस्य या स्वार्थ नहीं होता।

 

3. मैगी की कहानी

मम्मी बाजार से लौटी थी उनके थैले में दो मैगी के पैकेट थे वह पिंटू ने देख लिया था। नाशपाती खत्म होते ही पिंटू ने बड़े भाई संजू को बताया – मां दो पैकेट मैगी भी लेकर आई थी। बस क्या था खाने के लिए अगला निशाना मैगी के पैकेट थे।

दोनों मां के पास गए और मैगी बनाने के लिए जिद करने लगे हैं।

मां ने समझाया अभी मैंगी नहीं खाना , रोटी सब्जी बनी है वह खा लो।

मैगी के सामने रोटी सब्जी कौन खाता है?

दोनों भाई उदास जाकर अलग बैठ गए।

मां की ममता कितनी ही प्यारी होती है , दोनों बेटे को उदास देख मां ने झटपट मैगी के पैकेट खोले और उसको तुरंत बनाकर।

एक कटोरे में ले आई जिसमें दो चम्मच रखे हुए थे।

वह कटोरा जैसे ही दोनों भाइयों के सामने मां लेकर पहुंचे बस खुशी का ठिकाना नहीं था। दोनों भाई मां की गोद में उछल कर चढ गए। और कुछ ही देर में वह कटोरा खाली हो गया।

मोरल –

बालक संवेदनशील होते हैं उनके प्रति प्रेम का भाव बनाए रखना आपकी जिम्मेदारी है। बिना प्रेम के वह कठोर बन सकते हैं।

 

4. पास्ता का हाल मेगी जैसा

पिछले दिन की बात तो आपने ऊपर दोनों कहानियों में पढ़ ली थी। किस प्रकार नाशपाती और मैगी का काम पूरा हो गया था।

पिंटू स्वभाव से नटखट था उसे यह भी पता था कि माने नाशपाती और मैगी के साथ पास्ता का पैकेट भी आया था।

यह बात वह कैसे छुपा कर रख सकता था अपने भाई संजू से बता दिया और पास्ता खाने के लिए दोनों मां के पास रसोई घर में पहुंच गए।

आज उन्होंने नाराज होने का नहीं बल्कि ईमानदार और मम्मी के वफादार बनने का प्रमाण दिया। एक भाई बर्तन को करीने से सजाने लगा तो दूसरा रसोई घर की सफाई करने लगा।

काम पूरा होने के बाद दोनों भाई बैठे और मां की ओर देखते हुए कहा मां आपके दोनों बेटे थक गए हैं , पास्ता खिला दो तो पेट भर जाएगा। मां हंसते हुए लोटपोट हो गई।

वह दोनों के नटखट स्वभाव को बड़े ही देर से देख रही थी।

तुरंत पास्ता निकाला और झटपट बनाकर दोनों बेटों को परोसा। लो मेरे शेर खाओ और अपनी भूख जल्द से गायब करो और जल्दी खूब बड़े हो जाओ।

मोरल –

बालकों के द्वारा किए गए सकारात्मक कार्यों का सराहना जी भर करिए और उनको प्रोत्साहित करिए।

Hindi stories for class 1, 2 and 3 with moral
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5. मीनू का लंच बॉक्स

मीनू का जन्मदिन (हैप्पी बर्थडे) कल था। ढेर सारे गिफ्ट मिले थे। उस गिफ्ट में एक लंच बॉक्स था उसमें ढेर सारी गुड़िया बनी हुई थी।

यह लंच बॉक्स मीनू को पसंद आ गया था , इसलिए रात भर उसे अपने पास रखकर सोई।

जब स्कूल के लिए तैयार हुई उसने मां को पहले ही बता दिया था आज मेरा लंच इसमें देना। मां ने भी ऐसा ही किया आज मीनू के पसंद का हलवा और पराठा के साथ आलू फ्राई भी दिया।

मीनू खुशी-खुशी स्कूल के लिए निकल गई।

रास्ते में उसे बेहद खुशी थी कि आज वह अपने दोस्तों को अपना नया लंच बॉक्स दिखाएगी।

स्कूल पहुंचकर वह अपने दोस्तों को बर्थडे मे मिले लंच बॉक्स की तारीफ करती रही।

लंच के समय जब सभी अपना – अपना लंच बॉक्स निकाले तो मीनू ने भी अपना लंच बॉक्स निकाला और अपने दोस्तों के साथ बैठकर लंच खाया।

उसके दोस्त लंच बॉक्स को देखकर बहुत खुश हुए और कहने लगे मैं भी ऐसा लंच बॉक्स लूंगी।

यह तो बहुत प्यारी है , कितना अच्छा कलर है।

मीनू ने अपने बर्थडे के टॉफी अपने दोस्तों को दिया और हलवा भी खिलाया।

वाकई आज हलवा बहुत स्वादिष्ट था , क्योंकि वह नए लंच बॉक्स में था जिसमें ढेर सारी गुड़िया भी थी।

मोरल –

बच्चों की खुशियां छोटे-छोटे क्षण में और चीजों में छुपी हुई है। उन्हें इन खुशियों से वंचित ना करें।

 

6. बेटू की रेलगाड़ी – Hindi stories for kids

मोहन की एक बेटु थी वह अभी दीवार पकड़कर चलना सीख रही थी। उसे टेलीविजन पर कार्टून देखना पसंद था और रेलगाड़ी देखना भी पसंद था।

टेलीविजन पर जब रेलगाड़ी दिखाई देती तो वह खुश होकर ताली बजाती।

पापा ने एक रेलगाड़ी लाकर बाजार से दिया , वह रेलगाड़ी पटरी पर चलती थी।

जिसे देखकर बेटू ताली बजाती और खूब खुश होती।

एक दिन की बात है वह कॉपी पर पेंसिल से कुछ – कुछ लाइन खींच रही थी। फिर वह जैसे ही दीवार पकड़कर खड़ी हुई। वहां भी उसने पेंसिल से निशान लगाना शुरू किया।

पेंसिल के निशान देखते ही देखते पूरे कमरे में बन गया।

मोहन जब अपने बेटू को देखने आए तब तक पूरे कमरे में रेल गाड़ी बन चुकी थी।  मोहन ने बेटू से पूछा यह क्या है। बेटू ने तोतली जवान में कहा लेल…. लेल गाड़ी। मोहन जोर – जोर से हंसने लगा।

बेटू भी पापा को देखकर ताली बजाकर लेलगाड़ी लेलगाड़ी करके ताली बजाने लगी।

मोरल –

सराहना और साथ देने से खुशियां बढ़ती है , यह जीवन में सभी को अपनाना चाहिए।

 

7. दरवाजा मैं खोलूंगा – Hindi stories for class 1, 2 and 3

निशू रोज शाम को दरवाजे के पास लगी खिड़की के पास खड़ा होकर मामा के आने का इंतजार करता। जैसे ही मामा गेट पर आते वह खिड़की से उतर कर तुरंत गेट खोलता। निशु का काम रोज का था , मामा भी निशु के इस खेल से प्रभावित रहते और रोज अपने भांजे के लिए बाजार से कुछ ना कुछ खाने को लाते।

एक  दिन की बात है निशु खेलने में लगा था और मामा गेट पर आ गए थे।

किसी ने जाकर तुरंत दरवाजा खोल दिया। बस क्या था नीशू ने पूरे घर को सर पर उठा लिया। सभी लोग मनाने लगे मगर बच्चे को कौन मना सका है।

गेट आखिर क्यों खोला ?

मामा घर के अंदर कैसे चले आए  ?

अब दे सके कोई जवाब , ऐसा कब हो सका है।

जब नीशू ने रोना शांत नहीं किया मामा ने एक उपाय निकाला। वह बाहर चले गए और गेट बंद करवा दिया। फिर उन्होंने गेट बजाया तो नीशु  ने जाकर गेट खोला और मामा को हाथ पकड़ कर अंदर ले आया। बस फिर क्या था वही पुरानी वाली बात मामा जो टॉफी लाए थे , वह मिल गया और फिर निशू मामा के कंधे पर।

नैतिक शिक्षा

किसी चीज को करके खुशी प्राप्त होती है तो उसे रोके नहीं।

Moral of this story

What you can learn from this Hindi story for class 1, 2  and 3?

Never stop kids from expressing their feelings. Expressing love is very important.

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