Hindi stories for kids

7 Hindi stories for kids with moral – बच्चों के लिए कहानियां

Today we will read Hindi stories for kids with moral values written in Hindi and English. It is our belief that these stories will be loved by the people.

There are 7 Hindi stories for kids you will read in this post. All these stories are written very carefully by choosing easy Hindi words for children.

बच्चों के लिए कहानियां – 7 Best Hindi stories for kids

आप नीचे से कहनियाँ पढ़ना शुरू कर सकते हैं।

1. विष्णु की रबड़ वाली पेंसिल

विष्णु चंचल लड़का है उसका सहपाठी ऋतिक है। दोनों का घर नजदीक है। ऋतिक के पास एक पेंसिल है , जिसके सिर पर रबड़ लगी हुई है। यह पेंसिल ऋतिक के चाचा ने दिया था।

अपना सारा होमवर्क ऋतिक इसी पेंसिल से लिखता था।

ऐसी पेंसिल कक्षा में किसी और के पास नहीं थी। विष्णु उस पेंसिल को पसंद करता था। घर जाकर अपनी मां से वैसी पेंसिल दिलाने के लिए कहा । मां ने कहा , बाजार जा कर ले आएंगे।

किंतु मम्मी उस दिन बाजार नहीं जा सकी , इसलिए पेंसिल भी नहीं आयी ।

विष्णु अगले दिन स्कूल गया , वहां वह पेंसिल गार्डन में गिरी हुई थी।

विष्णु ने उस पेंसिल को उठाकर अपने बैग में डाल लिया। विष्णु घर पहुंचकर मम्मी को कहने लगा।

‘ अब मुझे पेंसिल नहीं चाहिए , क्योंकि मुझे मिल गई है ‘

मां ने पूछा कैसे मिली ? उसने बताया मुझे गार्डन में गिरा मिला। मां समझ गई यह  किसी विद्यार्थी का है उसे लौटा देना चाहिए।

माँ ने  विष्णु को समझाया और उसे लौटाने के लिए कहा। दूसरे की चीज नहीं लेनी चाहिए।

अगले दिन विष्णु ने ऋतिक को देखा वह काफी उदास बैठा था , क्योंकि उसकी पेंसिल खो गई थी। विष्णु , ऋतिक के पास जाकर बैठा और उसके उदास होने का कारण पूछा रितिक ने कहा मेरी पेंसिल खो गई है। विष्णु ने वह पेंसिल अपने बैग से निकाल कर सामने कर दिया और कहा मेरे दोस्त यह पेंसिल मुझे गार्डन में गिरी हुई मिली थी।

ऋतिक के चेहरे की उदासी अब खुशी में बदल गई थी।

उस दिन से रितिक और विष्णु दोनों घनिष्ठ मित्र बन गए थे।

संदेश –

खुशियां बांटने से बढ़ती है। छोटी-छोटी चोरियों से बचना चाहिए क्योंकि यह जल्दी ही बड़ी बड़ी चोरियों का रूप धारण कर लेता है।

Moral of the story

Happiness grows when we share them with other people.

 

2. रंग – बिरंगी कलम का खजाना ( Hindi stories for kids )

विष्णु के मामा लंदन में काम करते हैं। वह जब भी विष्णु से मिलने , आते तो ढेर सारी चॉकलेट और गिफ्ट लेकर आते थे। इस बार मामा चॉकलेट और गिफ्ट के साथ एक पैकेट रंग – बिरंगी कलम लेकर आए थे।

यह कलम विष्णु को बेहद पसंद आया।

मामा का खूब धन्यवाद किया और ढेर सारा प्यार किया। मामा अपने इकलौते भांजे से यही तो चाहता है। अगले दिन विष्णु अपने रंग – बिरंगी कलम को लेकर स्कूल गया।

वहां सभी दोस्तों ने उस कलम को देखा और तारीफ करने लगे –

वाह कितना सुंदर कलम है ,

मुझे भी दिखाओ ,

कितना प्यारा रंग है।

सभी सहपाठी कॉपी पर उन कलम को चला कर देख रहे थे। कलम द्वारा रंग – बिरंगी लिखाई देखकर सभी खुश हो रहे थे। मामा इस बार ढेर सारे चॉकलेट लेकर आए थे , जिसे विष्णु ने अपने सहपाठियों को भी बांटा था।

रंग – बिरंगी कलम की लिखाई अब विष्णु के कॉपी पर भी देखने को मिलती थी।

संदेश –

अपनी खुशियों में सभी को शामिल करने से खुशियां अपार रूप से बढ़ती है। अपनी खुशियों में दोस्तों को भी शामिल करना चाहिए।

Moral of the story

Always try to include other people in your happiness.

Hindi stories for kids
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3. जैकी की जासूसी ( Best hindi stories for kids )

धीरू के पास एक छोटा सा डॉगी जिसका नाम जैकी है। जैकी अभी काफी छोटा है , वह घर में खूब शरारत करता रहता है। धीरू , जैकी से बहुत सारा प्यार करता है। उसके पसंद का खाना धीरू बाजार से लेकर आता है।

एक दिन की बात है , धीरू के घर कई सारे बदमाश रात के अंधेरे में चोरी करने के लिए घुस गए। सभी लोग घर में आराम से सो रहे थे , किसी को चोरों के आने की खबर नहीं लगी। जैकी उन सभी बदमाशों को देख लिया था , उनके हाथ में बंदूक और डंडे थे। जैकी ने शोर मचाना ठीक नहीं समझा क्योंकि बदमाश किसी को भी जान से मार सकते थे।

बदमाश घर से सामान चुराकर भागने लगे।

जैकी भी उनका पीछा करने लगा। वह सारे बदमाश एक खंडहर में गए और वहां चोरी का सारा सामान जमीन में दबा दिया। जैकी ने वह सारी घटना अपनी आंखों से देख ली थी। बदमाशों को भनक भी नहीं लगी कि उसका पीछा कोई कर रहा है।

अगली सुबह जब घर वालों की नींद खुली तो , उन्हें चोरी की खबर लग गई थी। कई सारे कीमती सामान घर से गायब थे। सभी निराश हो गए थे , घरवालों ने जैकी को भी डाटा वह शोर मचा देता तो सब लोग जाग जाते।

जैकी निर्दोष था , उसने धीरू को अपनी और खींच कर कहीं ले जाना चाहा। धीरू उसके पीछे – पीछे चलने लगा। घर वाले भी उन दोनों के पीछे चलने लगे। कुछ गांव वाले भी हाथों में लाठी-डंडे लेकर जैकी और धीरू के पीछे पीछे चल रहे थे।

जैकी सभी को लेकर उसी खंडहर में पहुंच गया , जहां बदमाशों ने सारा सामान जमीन के नीचे दफनाया था। जैकी ने उस जगह को दिखला दिया जहां सभी सामान मौजूद था। घर वालों ने खुदाई करके घर का चोरी हुआ सभी सामान वहां से बरामद कर लिया।

सभी जैकी का धन्यवाद कर रहे थे आज वह नहीं होता तो उन्हें सामान नहीं मिल पाता।

मोरल –

किसी को भी बिना वजह दोष नहीं देना चाहिए। कभी-कभी चुप रह कर भी वह सभी कार्य किया जा सकता है जो दुर्लभ होता है।

Moral of this hindi stories for kids in English

Never blame anyone for mistakes they have not committed.

मित्रता से बढ़कर कुछ नहीं

सोनू तीसरी कक्षा में पढ़ता है , उसकी कक्षा में समीर परम मित्र है। समीर और सोनू दोनों एक साथ बैठते और लंच भी एक साथ करते थे। दोनों का घर नजदीक था इसलिए दोनों अपना होमवर्क साथ बैठकर लिखते थे। दोनों मित्र सही समय पर अपना होमवर्क विद्यालय में दिखाया करते थे। वह दोनों इतने गहरे मित्र हो गए थे।

अब विद्यालय में उन्हें भाई – भाई कहा जाता था।

समीर का जन्मदिन आने वाला था। वह औरों की तरह विद्यालय में अपना जन्मदिन नहीं मनाता था। उसके मम्मी – पापा मजदूरी करते थे इसलिए वह खर्च करने से बचते थे।

सोनू समीर की घर का हाल जानता था।

जन्मदिन के दिन सोनू अपने गुल्लक में जमा किए हुए पैसों से। सभी दोस्तों के लिए टॉफी – चॉकलेट और एक – एक पेंसिल लेकर आया था। दोनों दोस्तों ने मिलकर सभी दोस्तों को टॉफी – चॉकलेट और पेंसिल दिया। पूरी कक्षा के विद्यार्थी समीर को जन्मदिन की बधाई दे रहे थे। समीर के खुशियों का कोई ठिकाना नहीं था।

क्योंकि उसके पास इतना अच्छा भाई जैसा मित्र था।

संदेश –

किसी भी व्यक्ति के चेहरे पर खुशी अगर आपके माध्यम से आती है तो , आप जीवन में कभी भी दुखी नहीं हो सकते।

 

 

छोटा भीम का लंच बॉक्स

छोटा भीम कार्टून सभी बच्चों को पसंद है। यह कार्टून नंदू को भी पसंद है। नंदू का जन्मदिन कल था , उसे ढेर सारे खिलौने और उपहार मिले थे। उस उपहार में तरह-तरह के खिलौने थे जो बेहद ही मनमोहक थे। किंतु दो चीज ऐसी थी जो नंदू को बेहद पसंद आई।

वह था –

टेडी बीयर वाली बोतल और छोटा भीम वाला लंच बॉक्स

नंदू को वह दोनों उपहार खूब पसंद आया।

अब क्या था अगले दिन विद्यालय जाने के लिए तैयारी करनी थी। नंदू ने मां से पहले ही बता दिया था  – आज लंच और पानी नए लंच बॉक्स और बोतल में देना।

मां ने नए लंच बॉक्स में खाना और नई बोतल में पानी भर कर दिया।

यह लंच बॉक्स और बोतल पूरी क्लास में सबको पसंद आया आज। टेडी बीयर वाली बोतल और छोटा भीम वाला लंच बॉक्स आकर्षक और तारीफ का केंद्र बन गया था। सभी विद्यार्थियों को इतना पसंद आया कि देखते ही देखते सभी के पास इसी प्रकार के लंच बॉक्स और बोतल थे।

संदेश –

बच्चों की खुशियां छोटे-छोटे माध्यमों में छुपी हुई होती है उन्हें प्रकट होने देना चाहिए।

 

रिंकू की समझदारी

रिंकू बच्चा टोली का प्रमुख सदस्य है। सोसाइटी में बच्चा टोली सभी कार्यों में आगे रहती है। पार्क की देखभाल करना , पौधों को सही समय पर पानी देना। सोसाइटी की साफ – सफाई के लिए सभी को प्रेरित करना , यह बच्चा टोली का प्रमुख उद्देश्य था।

खेलना – कूदना और शरारत करना इससे बचा टोली कहां दूर रह सकता है। खेलना – कूदना और शरारत यह तो बच्चा टोली का रोजाना का कार्य था।

एक दिन की बात है सभी खेल में लगे हुए थे।

सोसाइटी में दो बदमाश घुस आए थे।

वह पार्क  में लगे बेंच पर बैठकर चोरी करने का प्लान बना रहे थे।

रिंकू की गेंद उस बेंच की ओर चली गई थी।

रिंकू अपनी गेंद लेने बेंच की ओर गया था। उन दोनों बदमाशों की बातें रिंकू ने सुन ली और चोरी करने का प्लान भी रिंकू ने जान लिया। रिंकू झटपट अपने घर गया और पापा से सभी बातें बता दी। पापा ने झटपट फोन करके पुलिस को सूचना दी और उन्होंने सोसाइटी के कुछ लोगों को जमा करके उन दोनों बदमाशों को पकड़ लिया।

पुलिस आई और उन दोनों बदमाशों को अपने हिरासत में ले लिया।

वह दोनों बदमाश पहले भी , कई सारी चोरियां कर चुके थे।

वह पुलिस की पकड़ में कभी नहीं आते थे।

आज रिंकू ने अपनी समझदारी से उन दोनों को पकड़वा दिया था।

मोरल –

थोड़ी सी समझदारी से बड़े-बड़े कार्य किए जा सकते हैं। जो कार्य पुलिस नहीं कर सकी वह रिंकू ने छोटी सी उम्र में कर दिखाया था।

 

मित्र की सहायता

वेदांत के मम्मी – पापा शहर में नए-नए आए थे। वेदांत का दाखिला पास के स्कूल में करवा दिया। वह दूसरी क्लास में पढ़ता था। वेदांत और बच्चों की तरह शरारती नहीं था। वेदांत का शांत स्वभाव देखकर मैडम भी घर पर शिकायत करती कि यह और विद्यार्थियों की तरह नटखट नहीं है।

जबकि इस उम्र में इसे थोड़ी बहुत शरारत करनी चाहिए।

वेदांत के मम्मी – पापा काफी समझाते और उसे शरारत करने के लिए प्रेरित करते ,  किंतु वह हंस – खेल के फिर शांत हो जाता।

वेदांत के स्वभाव का कक्षा के कुछ विद्यार्थी फायदा उठाते थे।

चिंटू कक्षा का सबसे शरारती लड़का था। इसकी शिकायत रोज घर पर की जाती।

कभी वह किसी विद्यार्थी की बोतल तोड़ देता।  तो

कभी किसी का लंच खा जाता।

आज उसने वेदांत को दांत काट लिया था।

वेदांत को दांत काटने के कारण काफी दर्द हो रहा था और वह बैठा – बैठा रो रहा था।

मैडम ने रोने का कारण पूछा तो उसने नहीं बताया।

किंतु सोना , चिंटू से नहीं डरती थी।

उसने मैडम से चिंटू के दांत काटने की बात बता दी।

मैडम ने चिंटू को सजा दी , और सोना की तारीफ की।

कुछ दिन बाद वेदांत और सोना घनिष्ठ मित्र बन गए।

संदेश –

किसी पर जुल्म/ गलत होता देख उसका विरोध करना चाहिए।

 

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